जब भी हमने हँसना चाहा तूने आँखों में आंसू ला दिए,
हमने खुशियों को पाना चाहा तूने ग़म ही मिला दिए,
हमने ग़म में ही खुशी पायी और आँसुओं में मुस्कुरा दिए,
तू ही बता ऐ ज़िन्दगी ये तेरी हार है या जीत???
हम भी ज़िंदादिल थे हम भी खिलखिलाते थे कभी,
हम भी तेरी चाहत के ख्वाब सजाते थे कभी,
उन ख्वाबों में तूने बेबसी के फूल खिला दिए,
तू ही बता ऐ ज़िन्दगी ये तेरी हार है या जीत???
जिस दिल में हमने तेरे लिए फूल सजा रखे थे,
पलकों में प्यार के आशियाने बना रखे थे,
उस ज़हन में तूने मौत के अरमाँ जगा दिए,
तू ही बता ऐ ज़िन्दगी ये तेरी हार है या जीत???
ऐसी जीत का क्या मतलब जिसमें कोई खुशी न हो,
जीते हों हम ऐसे मानों पास अपने ज़िन्दगी न हो,
ऐसी ज़िन्दगी को छोड़ हम मौत के दामन में समा गए,
तू ही बता ऐ ज़िन्दगी ये तेरी हार है या जीत???
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